Friday, 27 July 2012

 असोम में जारी हिंसा यह दर्शाती है की हमारी सरकार और उसके प्रशासनतंत्र में कितनी अदुर्दर्सिता है। 
यदि 16 जुलाई को असोम के राजभवन पर गैर -बोडो द्वारा अलग राज्य के मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर  
गंभीर हो गयी होती तो शायद इतने लोग काल  के ग्रास नहीं बने होते।आखिर हमारे नेता जनता की समस्याओं पर  क्यों अपनी राजनीति की रोटी सेंकने से बाज  नहीं आते।